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शक्तिपीठ यात्रा

तीर्थ यात्राएँ

अन्य नाम: शक्तिपीठ, देवी पीठ यात्रा, इक्यावन शक्तिपीठ

देवीशक्तितंत्रसती

शक्तिपीठ यात्रा देवी शक्ति के उन पवित्र स्थानों के दर्शन की यात्रा है जिन्हें सती के अंग या आभूषण गिरने के कारण पवित्र माना जाता है। इनमें कामाख्या (असम), कालीघाट (कोलकाता), तारा तारिणी (ओडिशा), ज्वालामुखी (हिमाचल), अमरनाथ (कश्मीर), वैद्यनाथ (देवघर), हिंगलाज (बलूचिस्तान) और मणिकर्णिका (काशी) आदि प्रमुख हैं।

ये पीठ भारत के अतिरिक्त नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका और तिब्बत तक फैले हुए हैं। कुल संख्या को लेकर परम्पराओं में मतभेद है — सामान्यतः इक्यावन पीठ माने जाते हैं, कहीं बावन, कहीं चौंसठ और देवी भागवत में एक सौ आठ का उल्लेख मिलता है।

तंत्र-ग्रंथों और पुराणों में शक्तिपीठों की महिमा विस्तार से वर्णित है। परम्परा के अनुसार विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को काटा और जहाँ-जहाँ उनके अंग गिरे, वहाँ शक्तिपीठ बने। प्रत्येक पीठ के साथ एक भैरव भी पूजित हैं।

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स्रोत: तंत्र चूड़ामणि / देवी भागवत पुराण