मंगल दोष
आयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग
अन्य नाम: मंगल दोष, भौम दोष, मांगलिक दोष
मंगल दोष तब माना जाता है जब कुंडली में मंगल लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित हो। इसे भौम दोष तथा मांगलिक दोष भी कहा जाता है।
ज्योतिष-शास्त्र में मंगल दोष का विचार विवाह-मिलान के समय किया जाता है। इसका उल्लेख जातक-ग्रंथों तथा परंपरागत फलादेश में मिलता है।
मंगल दोष के कारण वैवाहिक जीवन में कठिनाई मानी जाती है। परंपरा में इसके निवारण हेतु मंगल-शांति, विवाह-मिलान तथा उपाय बताए गए हैं।
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स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध