पूर्णिमा
व्रत एवं त्योहार
अन्य नाम: पूर्णमासी
पूर्णिमा प्रत्येक मास की वह तिथि है जब चंद्रमा अपने पूर्ण रूप में होता है।
यह प्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि को पड़ती है।
विधि में स्नान-दान, सत्यनारायण व्रत, चंद्र-दर्शन और विशेष पूर्णिमाओं (कार्तिक, वैशाख आदि) में पवित्र-स्नान शामिल हैं। यह तिथि पुण्य, मंगल और व्रत-अनुष्ठान के लिए शुभ मानी जाती है।
प्रसिद्ध कथन
ॐ चन्द्राय नमः।
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स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध