मयसभा निर्माण
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: मय द्वारा सभा निर्माण, दिव्य सभा
खांडव दहन में अर्जुन से जीवनदान पाकर मय दानव ने कृतज्ञता प्रकट करते हुए पांडवों के लिए एक दिव्य सभा-भवन बनाने का वचन दिया।
मय ने अपनी माया और शिल्प-कौशल से इंद्रप्रस्थ में अद्भुत सभा का निर्माण किया। भवन में जल और स्थल का भेद कठिन था — कहीं जल के ऊपर स्थल जैसा और स्थल के ऊपर जल जैसा भ्रम उत्पन्न होता था।
इस सभा की शोभा देश-देश के राजाओं को आश्चर्यचकित करती थी। राजसूय यज्ञ भी इसी सभा में हुआ।
एक बार सभा देखने आए दुर्योधन भ्रम में पड़कर जल वाले स्थान को स्थल समझकर गिर पड़े; द्रौपदी आदि के हँसने पर वे लज्जित हुए। यह अपमान उनकी ईर्ष्या और द्वेष को और गहरा कर गया, जिसका परिणाम आगे द्यूत-क्रीड़ा के रूप में निकला।
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स्रोत: महाभारत – सभा पर्व