कालसर्प दोष
आयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग
अन्य नाम: कालसर्प दोष, कालसर्प योग
कालसर्प दोष तब माना जाता है जब कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं। इसे कालसर्प योग भी कहा जाता है।
यह विचार परंपरागत ज्योतिष में प्रचलित है, जिसमें राहु-केतु की स्थिति तथा ग्रहों के उनके बीच आवागमन को आधार बनाया जाता है।
कालसर्प दोष के कारण जीवन में बाधा, विलंब तथा संघर्ष माना जाता है। परंपरा में इसके निवारण हेतु राहु-केतु की शांति तथा उपाय बताए गए हैं।
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स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध