गरुड़ पुराण
ग्रंथ
अन्य नाम: गरुड पुराण, गरुड़पुराण
रचयिता / कर्ता: वेदव्यास
गरुड़ पुराण अट्ठारह महापुराणों में एक है और इसे भगवान विष्णु द्वारा गरुड़ को कथित माना जाता है। इसके संकलनकर्ता वेदव्यास माने जाते हैं।
मुख्य विषय मृत्यु के बाद की गति, प्रेत-कल्प, श्राद्ध, दान तथा आत्मा की यात्रा है। इसमें वर्णित है कि मृत्यु के बाद जीव को उसके कर्मों के अनुसार स्वर्ग या नरक की प्राप्ति होती है।
ग्रंथ में विष्णु-भक्ति, व्रत, तीर्थ-माहात्म्य, आयुर्वेद तथा धर्म-शिक्षा भी हैं। श्राद्ध और पितृ-कार्य की विधि इसका विशेष अंश है।
महात्मा: हिंदू परंपरा में मृत्यु-संबंधी संस्कारों, श्राद्ध और पितृ-कर्म में इस पुराण का विशेष महत्त्व है।
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स्रोत: गरुड़ पुराण