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छाया

वेद एवं पुराण

अन्य नाम: छाया देवी, संज्ञा की छाया

सूर्यशनितपतीसंज्ञासावर्णि मनु

छाया संज्ञा की छाया से उत्पन्न हुईं। जब संज्ञा सूर्य के तेज को सह न सकीं और वन चली गईं, तब उन्होंने अपनी छाया को सूर्य के पास पत्नी के रूप में छोड़ दिया।

छाया से सूर्य को तीन संतानें हुईं — पुत्र शनि, पुत्र सावर्णि मनु और पुत्री तपती। शनि की कठोर दृष्टि और स्वभाव का संबंध छाया से जोड़ा जाता है।

छाया ने संज्ञा के पुत्र यम को अपने पुत्रों से भिन्न व्यवहार दिया, जिससे यम और छाया के बीच मतभेद की कथा मिलती है। यह प्रसंग मार्कण्डेय पुराण और विष्णु पुराण में आता है।

नाते-रिश्ते

  • स्वरूप: संज्ञा की छाया
  • पति: सूर्य
  • पुत्र: शनि व सावर्णि मनु
  • पुत्री: तपती

संबंधित

सूर्यसंज्ञाशनितपतीविश्वकर्मामनु

स्रोत: मार्कण्डेय पुराण, विष्णु पुराण