जलंधर वध
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: जलंधर
जलंधर वध की कथा शिव की शक्ति की कथा है। समुद्र-मंथन के समय समुद्र के तेज से जलंधर नामक दैत्य उत्पन्न हुआ, जो अत्यंत शक्तिशाली था।
यह कथा शिव पुराण तथा देवी भागवत पुराण में वर्णित है। कथा के मुख्य पात्र जलंधर, शिव, वृंदा और विष्णु हैं।
जलंधर को वरदान था कि उसकी पत्नी वृंदा के सतीत्व के रहते उसका वध नहीं हो सकता। विष्णु ने वृंदा का सतीत्व भंग किया, तब शिव ने जलंधर का वध किया। यह कथा अहंकार के नाश और धर्म की विजय का प्रतीक है।
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स्रोत: शिव पुराण