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पुलस्त्य

वेद एवं पुराण

अन्य नाम: पुलस्त्य ऋषि, पौलस्त्य

प्रजापतिमानस पुत्रऋषिराक्षस वंश

पुलस्त्य ब्रह्मा के मानस पुत्र और प्रमुख प्रजापतियों में से एक हैं। वे सप्तर्षि की उस नामावली में गिने जाते हैं जो आकाश के तारों से जुड़ी है — मरीचि, अत्रि, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु और वशिष्ठ।

उनके पुत्र विश्रवा थे, जिनसे कुबेर तथा रावण, कुंभकरण, विभीषण और शूर्पणखा का जन्म हुआ। इस प्रकार पुलस्त्य कुबेर के पितामह और रावण के प्रपितामह हैं; रावण को इसी वंश-परंपरा के कारण 'पौलस्त्य' कहा जाता है।

महाभारत में एक वर्णन मिलता है कि जब कुबेर ने अपने पिता से बड़ा पद पाने की कामना की, तब पुलस्त्य ने विश्रवा को उत्पन्न किया। विष्णु पुराण और वाल्मीकि रामायण में भी उनका उल्लेख आता है।

ऋषि-परंपरा में पुलस्त्य को धन-संपदा और रक्षा से जुड़ा माना गया है। अगस्त्य ऋषि को कहीं-कहीं उनका पुत्र या सहोदर बताया जाता है।

नाते-रिश्ते

  • पिता: ब्रह्मा
  • पुत्र: विश्रवा
  • पौत्र: कुबेर
  • प्रपौत्र: रावण

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कुबेररावणमरीचिअत्रिकश्यपअगस्त्य

स्रोत: विष्णु पुराण, वाल्मीकि रामायण, महाभारत