शांता
रामायण एवं रामचरितमानस
शांता के विषय में दो परंपराएँ हैं। वाल्मीकि रामायण में वे अंगराज रोमपाद की पुत्री और ऋषि ऋष्यशृंग की पत्नी हैं। उत्तर भारतीय पाठों तथा विष्णु पुराण एवं श्रीमद्भागवत आदि में वे दशरथ और कौशल्या की पुत्री मानी गई हैं, जिन्हें निःसंतान मित्र रोमपाद को गोद दे दिया गया था।
रोमपाद के राज्य में भीषण अकाल पड़ा, तब शांता के पति ऋष्यशृंग ने यज्ञ कर वर्षा कराई। इसी प्रसंग से ऋष्यशृंग की प्रसिद्धि फैली।
संतान-प्राप्ति के लिए दशरथ ने उसी ऋष्यशृंग को अयोध्या बुलाया; ऋष्यशृंग ने पुत्रकामेष्टि यज्ञ किया, जिससे राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ। इस प्रकार शांता उस यज्ञ से जुड़ी हैं जिससे राम का जन्म हुआ।
नाते-रिश्ते
- पिता: दशरथ
- माता: कौशल्या
- पालक पिता: रोमपाद
- पति: ऋष्यशृंग
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स्रोत: वाल्मीकि रामायण – बालकाण्ड