गोवर्धन पूजा
व्रत एवं त्योहार
अन्य नाम: अन्नकूट, गोवर्धन
गोवर्धन पूजा, जिसे अन्नकूट भी कहते हैं, भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा पर्व है।
यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को, दीपावली के अगले दिन मनाई जाती है।
विधि में अन्न या गोबर से गोवर्धन पर्वत का प्रतीक बनाना, गौ-पूजन, अन्नकूट भोग और परिक्रमा शामिल हैं। कथा के अनुसार इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासियों की रक्षा हेतु श्रीकृष्ण ने सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा पर धारण किया। यह पर्व प्रकृति-पूजन और गौ-रक्षा का प्रतीक है।
प्रसिद्ध कथन
गोवर्धनधरं वन्दे गोकुलरक्षकम्। (भावानुवाद)
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
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स्रोत: श्रीमद्भागवत पुराण