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नाग

वेद एवं पुराण

अन्य नाम: नाग जाति, सर्प, नागवंश, फणी

सर्पकश्यपकद्रूपातालनागपंचमी

नाग कश्यप और कद्रू की संतान मानी जाती है। ये सर्प-जाति के अर्धदिव्य प्राणी हैं, जो पाताल में निवास करते हैं और जिनके मुख पर मणि तथा विष का वर्णन मिलता है।

प्रमुख नागों में शेष, वासुकि, तक्षक, कर्कोटक और पद्म आदि आते हैं। समुद्र मंथन में वासुकि को रस्सी बनाया गया और जनमेजय के सर्पयज्ञ में अनेक नाग आहुति बने।

भारतीय परंपरा में नागों की उपासना प्राचीन है और नागपंचमी का पर्व इन्हीं को समर्पित है। नागों को जल, वर्षा और पाताल की रक्षा से जोड़ा जाता है, तथा अनेक मंदिरों में नाग-प्रतिमाएँ पूजित हैं।

नाते-रिश्ते

  • पिता: कश्यप
  • माता: कद्रू
  • निवास: पाताल
  • प्रमुख: शेष व वासुकि

संबंधित

शेषनागतक्षकवासुकिकश्यपपाताल

स्रोत: विष्णु पुराण, श्रीमद्भागवत पुराण