नैना देवी
मंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ
अन्य नाम: नैना देवी जी, महिष पीठ
नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में, त्रिकूट पर्वत पर लगभग 1177 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह पंजाब की सीमा के निकट है।
यहाँ देवी नैना की पूजा होती है। देवी की मूल मूर्ति पिंडी के रूप में है, जिसमें दो नेत्र उत्कीर्ण हैं। देवी को महिषासुरमर्दिनी का रूप भी माना जाता है।
कथा के अनुसार सती के नेत्र यहाँ गिरे थे, जिससे 'नैना देवी' नाम पड़ा। यह स्थान महिषासुर के वध से भी जुड़ा है, इसलिए इसे 'महिष पीठ' भी कहा जाता है। मंदिर का निर्माण आठवीं शताब्दी में राजा बीरचंद ने कराया माना जाता है। शक्तिपीठों की संख्या परंपरा-भेद से 51, 52, 64 अथवा 108 मानी जाती है।
प्रसिद्ध कथन
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
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स्रोत: देवी भागवत पुराण