बृहदारण्यक उपनिषद 1.3.28
रोज़ का श्लोक
अन्य नाम: असतो मा सद्गमय
अर्थ — मुझे असत्य से सत्य की ओर ले चल; अंधकार से प्रकाश की ओर ले चल; मृत्यु से अमरता की ओर ले चल।
यह पवमान मंत्र या असतो मा सद्गमय मंत्र प्रार्थना का सार है। यह मनुष्य की सच्ची आकांक्षा — सत्य, प्रकाश और अमरता — की ओर संकेत करता है।
श्लोक
असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय।
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स्रोत: बृहदारण्यक उपनिषद