सावित्री
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: सावित्री
सावित्री मद्रदेश के राजा अश्वपति की पुत्री थीं। उनका विवाह सत्यवान से हुआ, जो अल्पायु थे।
नारद के कहने पर भी सावित्री ने सत्यवान को वरा। विवाह के एक वर्ष बाद सत्यवान की मृत्यु हो गई और यम उनके प्राण लेने आए।
सावित्री ने यम से बुद्धि और धर्म की बातों से प्रसन्न करके सत्यवान के प्राण तथा ससुर के राज्य और पुत्र आदि वरदान प्राप्त किए। सावित्री पातिव्रत, बुद्धि और प्रतिज्ञा-बल की प्रतीक हैं।
नाते-रिश्ते
- पिता: राजा अश्वपति
- पति: सत्यवान
- ससुर: द्युमत्सेन
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स्रोत: महाभारत – वन पर्व