उज्जैन
तीर्थ एवं स्थान
अन्य नाम: उज्जैन, अवंतिका, महाकाल
उज्जैन (प्राचीन अवंतिका) मध्य प्रदेश में शिप्रा नदी के तट पर बसा है। यह बारह ज्योतिर्लिंगों में एक महाकालेश्वर का स्थान और कुम्भ के चार स्थलों में शामिल है।
उज्जैन प्राचीन काल में अवंति महाजनपद की राजधानी थी और राजा विक्रमादित्य से जुड़ा है। महाकालेश्वर मंदिर में शिव की दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग-प्रतिमा है, जो तीनों लोकों में अद्वितीय मानी जाती है। यहाँ भर्तृहरि गुफा, कालभैरव तथा संदीपनि आश्रम से जुड़ी कथाएँ हैं।
सिंहस्थ कुम्भ (जब बृहस्पति सिंह राशि में हों) यहाँ शिप्रा तट पर लगता है। महाकाल-दर्शन तथा भस्म-आरती यहाँ का प्रमुख आचार है।
प्रसिद्ध कथन
'महाकालः दक्षिणामुखः' — महाकाल दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग हैं। (भावानुवाद)
'अवंतिका पुण्या नगरी' — अवंतिका पुण्य नगरी है। (भावानुवाद)
संबंधित
स्रोत: स्कन्द पुराण (अवंति खंड), शिव पुराण