बकासुर वध
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: बकासुर वध, बकासुर का वध
हिडिंब वन से आगे पांडव एकचक्रा नगर में एक ब्राह्मण के घर में ब्राह्मण-वेश में रहने लगे। वहाँ बकासुर नामक राक्षस प्रतिदिन एक गाड़ी भर भोजन लेकर एक व्यक्ति को भी खा जाता था।
नगर के लोगों ने राक्षस को भोजन और बलि पहुँचाने की व्यवस्था की थी। जिस दिन उस ब्राह्मण के घर की बारी आई, तब कुंती ने भीम को भोजन पहुँचाने के लिए भेजा।
भीम ने राक्षस के पास जाकर उसका भोजन स्वयं खा लिया और बकासुर से युद्ध किया। भीम ने बकासुर को भूमि पर पटक-पटककर मार डाला।
भीम ने राक्षस का शव द्वार पर डाल दिया और नगर को राक्षस के भय से मुक्त कर दिया। लोगों ने इसे किसी देवता का चमत्कार माना और पांडवों की पहचान छिपी रही।
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स्रोत: महाभारत – आदि पर्व