रुक्मी
महाभारत
अन्य नाम: रुक्मि
रुक्मी विदर्भ नरेश भीष्मक के पुत्र और रुक्मिणी के भाई थे। उन्होंने अपनी बहन रुक्मिणी का विवाह शिशुपाल से तय किया, पर कृष्ण ने रुक्मिणी को हर लिया। इससे रुक्मी कृष्ण का घोर शत्रु बन गया।
रुक्मी ने अनेक अवसरों पर कृष्ण को हराने का प्रयास किया। जरासंध के साथ मिलकर भी वे कृष्ण के विरुद्ध रहे। एक बार युद्ध में कृष्ण ने उन्हें पराजित कर छोड़ दिया, किंतु बार-बार विरोध के कारण अंत में बलराम ने उनका वध किया।
रुक्मी की कथा राजनीतिक द्वेष, अहंकार और वंश-कलह का उदाहरण है, तथा यादव-विदर्भ संबंधों का महत्वपूर्ण अंग है।
नाते-रिश्ते
- पिता: भीष्मक
- बहन: रुक्मिणी
- शत्रु: कृष्ण
- हत्यारा: बलराम
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स्रोत: महाभारत – आदि पर्व, सभा पर्व