शास्त्रज्ञशास्त्रों के ग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान और शब्द — एक जगह

ग्रंथ

शास्त्र-ग्रंथ — वेद, उपनिषद, पुराण, उपपुराण, शाखाएँ, स्मृति, दर्शन, स्तोत्र एवं तंत्र।

ऋग्वेद संहितासबसे प्राचीन वेद; देवताओं की स्तुति के दस मंडलों में 1028 सूक्तों का संग्रह।यजुर्वेद संहितायज्ञ की विधियों और मंत्रों का वेद; कृष्ण तथा शुक्ल दो प्रमुख रूपों में प्रचलित।सामवेद संहितागान-प्रधान वेद; ऋग्वेद के अधिकांश मंत्रों का संगीतबद्ध रूप।अथर्ववेद संहिताअथर्वा और अंगिरा ऋषियों का वेद; दैनिक जीवन, चिकित्सा और रक्षा के मंत्रों का संग्रह।ऐतरेय ब्राह्मणऋग्वेद का प्रमुख ब्राह्मण ग्रंथ; यज्ञ-विधि और आख्यानों का संग्रह।शतपथ ब्राह्मणशुक्ल यजुर्वेद का विशालतम ब्राह्मण ग्रंथ; लगभग सौ अध्यायों में यज्ञ और ब्रह्मविद्या।छांदोग्य उपनिषदसामवेद का प्रमुख उपनिषद; 'तत्त्वमसि' महावाक्य और ब्रह्मविद्या का ग्रंथ।बृहदारण्यक उपनिषदशुक्ल यजुर्वेद का श्रेष्ठतम उपनिषद; याज्ञवल्क्य की ब्रह्मविद्या का ग्रंथ।तैत्तिरीय उपनिषदकृष्ण यजुर्वेद का उपनिषद; शिक्षावल्ली, ब्रह्मानन्दवल्ली और भृगुवल्ली में ब्रह्मविद्या।ऐतरेय उपनिषदऋग्वेद का उपनिषद; 'प्रज्ञानं ब्रह्म' महावाक्य और आत्मा की उत्पत्ति का विवेचन।केन उपनिषदसामवेद का उपनिषद; 'केन' प्रश्न द्वारा ब्रह्म की खोज और इन्द्र-उमा संवाद।कठ उपनिषदकृष्ण यजुर्वेद का उपनिषद; नचिकेता और यम का संवाद, श्रेय-प्रेय का विवेचन।ईश उपनिषदशुक्ल यजुर्वेद का उपनिषद; 18 मंत्रों में ईश्वर और कर्म का समन्वय।मुण्डक उपनिषदअथर्ववेद का उपनिषद; परा-अपरा विद्या और 'सत्यमेव जयते' का स्रोत।माण्डूक्य उपनिषदअथर्ववेद का सबसे छोटा उपनिषद; 12 मंत्रों में ॐ और चार अवस्थाओं का अद्वैत।प्रश्न उपनिषदअथर्ववेद का उपनिषद; छह प्रश्नों के रूप में ब्रह्मविद्या का विवेचन।श्वेताश्वतर उपनिषदयजुर्वेद का उपनिषद; ईश्वर, सांख्य और योग का समन्वय।शिक्षा (वेदांग)वेदांग शिक्षा; वर्णोच्चारण, स्वर और मंत्र-पाठ की शुद्धता का शास्त्र।कल्प (वेदांग)वेदांग कल्प; यज्ञ, संस्कार और धर्म की विधियों के सूत्रों का शास्त्र।व्याकरण (वेदांग)वेदांग व्याकरण; भाषा और शब्दों के शुद्ध प्रयोग का शास्त्र, पाणिनि की अष्टाध्यायी।निरुक्त (वेदांग)वेदांग निरुक्त; वेद-शब्दों की व्युत्पत्ति और अर्थ-निर्णय का शास्त्र।छन्द (वेदांग)वेदांग छन्द; वैदिक और लौकिक छंदों की मात्रा-व्यवस्था का शास्त्र।ज्योतिष (वेदांग)वेदांग ज्योतिष; यज्ञ-काल की गणना और खगोलीय ज्ञान का शास्त्र।आयुर्वेदउपवेद आयुर्वेद; स्वास्थ्य, रोग-निवारण और दीर्घ आयु का चिकित्सा-शास्त्र।धनुर्वेदउपवेद धनुर्वेद; धनुष-बाण और युद्ध-कौशल का शास्त्र।गंधर्ववेदउपवेद गंधर्ववेद; संगीत, नृत्य और गायन की कला का शास्त्र।अर्थशास्त्र (उपवेद)कौटिल्य (चाणक्य) का राजनीति और अर्थशास्त्र का प्रसिद्ध ग्रंथ।महाभारत (ग्रंथ)वेदव्यास रचित भारत का महाकाव्य; 18 पर्वों में कुरुवंश और कौरव-पांडव का इतिहास।आदि पर्वमहाभारत का प्रथम पर्व; वंश-परिचय, पांडवों का जन्म, लाक्षागृह और द्रौपदी स्वयंवर।सभा पर्वमहाभारत का दूसरा पर्व; राजसूय यज्ञ, मयासभा और द्यूत-क्रीड़ा।वन पर्वमहाभारत का तीसरा पर्व; बारह वर्ष का वनवास और अनेक उपाख्यान।विराट पर्वमहाभारत का चौथा पर्व; पांडवों का अज्ञातवास और कीचक-वध।उद्योग पर्वमहाभारत का पाँचवाँ पर्व; युद्ध-टालने के प्रयास और श्रीकृष्ण का शांति-दौत्य।भीष्म पर्वमहाभारत का छठा पर्व; भगवद्गीता का उपदेश और भीष्म की शर-शय्या।द्रोण पर्वमहाभारत का सातवाँ पर्व; अभिमन्यु-वध, जयद्रथ-वध और द्रोण का अंत।कर्ण पर्वमहाभारत का आठवाँ पर्व; कर्ण के नेतृत्व में युद्ध और कर्ण-अर्जुन का अंतिम संग्राम।शल्य पर्वमहाभारत का नौवाँ पर्व; शल्य का नेतृत्व और भीम-दुर्योधन का गदा-युद्ध।सौप्तिक पर्वमहाभारत का दसवाँ पर्व; अश्वत्थामा का रात्रि-आक्रमण और पांडव-शिविर का विनाश।स्त्री पर्वमहाभारत का ग्यारहवाँ पर्व; युद्ध में मारे गए योद्धाओं का शोक और गांधारी का शाप।शांति पर्वमहाभारत का बारहवाँ पर्व; युधिष्ठिर का राज्याभिषेक और भीष्म का राजधर्म-उपदेश।अनुशासन पर्वमहाभारत का तेरहवाँ पर्व; भीष्म का दानधर्म और राजधर्म का उपदेश।अश्वमेधिक पर्वमहाभारत का चौदहवाँ पर्व; अश्वमेध यज्ञ और अर्जुन-बभ्रुवाहन का युद्ध।आश्रमवासिक पर्वमहाभारत का पंद्रहवाँ पर्व; धृतराष्ट्र-गांधारी का वनगमन और देह त्याग।मौसल पर्वमहाभारत का सोलहवाँ पर्व; यादव-वंश का विनाश और श्रीकृष्ण का देह त्याग।महाप्रस्थानिक पर्वमहाभारत का सत्रहवाँ पर्व; पांडवों का महाप्रस्थान और पतन।स्वर्गारोहण पर्वमहाभारत का अठारहवाँ पर्व; युधिष्ठिर का स्वर्गारोहण और अंतिम मिलन।वाल्मीकि रामायण (ग्रंथ)संस्कृत का आदिकाव्य, वाल्मीकि कृत, सात कांडों में श्रीराम की सम्पूर्ण कथा।बालकांडरामायण का प्रथम कांड — श्रीराम का जन्म, बाललीला, विश्वामित्र-यज्ञ रक्षा और सीता-स्वयंवर।अयोध्याकांडरामायण का द्वितीय कांड — वनवास, दशरथ-मृत्यु और भरत-मिलाप की कथा।अरण्यकांडरामायण का तृतीय कांड — पंचवटी, शूर्पणखा-प्रसंग, खर-दूषण-वध और सीता-हरण।किष्किंधाकांडरामायण का चतुर्थ कांड — सुग्रीव-मित्रता, वालि-वध और हनुमान का लंका-गमन।सुंदरकांडरामायण का पंचम कांड — हनुमान का लंका-प्रवेश, सीता-दर्शन और लंका-दहन।लंकाकांडरामायण का षष्ठ कांड — समुद्र-सेतु, राम-रावण महायुद्ध और रावण-वध।उत्तरकांडरामायण का सप्तम कांड — रामराज्य, सीता-त्याग, लव-कुश और उपसंहार।रामचरितमानस (ग्रंथ)तुलसीदास कृत अवधी भाषा का रामभक्ति-महाकाव्य, सात कांडों में रामकथा।ब्रह्म पुराणअट्ठारह महापुराणों में प्रथम; सृष्टि, ब्रह्मा-महिमा, तीर्थ और जगन्नाथ-क्षेत्र का वर्णन।पद्म पुराणविष्णु-भक्ति प्रधान सबसे विशाल महापुराण; रामकथा, कृष्णकथा और तीर्थ-माहात्म्य।विष्णु पुराणपुराणरत्न; छह अंशों में सृष्टि, मन्वंतर, वंश तथा श्रीकृष्ण-चरित का वर्णन।शिव पुराणशैव महापुराण; शिव-महिमा, ज्योतिर्लिंग, शिव-पार्वती विवाह और दक्ष-यज्ञ।श्रीमद्भागवत पुराणबारह स्कंधों वाला कृष्ण-भक्ति प्रधान महापुराण; दशावतार और कृष्ण-लीला का स्रोत।नारद पुराणनारद-प्रोक्त वैष्णव महापुराण; भक्ति, व्रत, तीर्थ तथा सृष्टि-वर्णन।मार्कण्डेय पुराणदेवी-माहात्म्य (दुर्गा सप्तशती) सहित महापुराण; सृष्टि तथा देवी-महिमा।अग्नि पुराणविश्वकोशात्मक महापुराण; व्याकरण, ज्योतिष, राजनीति, चिकित्सा और मंत्र आदि विविध विषय।भविष्य पुराणभविष्य-कथन प्रधान महापुराण; भविष्यत् तथा प्रतिसर्ग की कथाएँ।ब्रह्मवैवर्त पुराणकृष्ण-राधा तथा देवी-तत्व प्रधान महापुराण; चार खंडों में भक्ति-कथा।लिंग पुराणशैव महापुराण; लिंग-उपासना, शिव-महिमा तथा युग-धर्म का वर्णन।वराह पुराणवराह-अवतार प्रधान महापुराण; पृथ्वी-उद्धार तथा शिव-विष्णु महिमा।स्कन्द पुराणसबसे विशाल महापुराण; स्कंद (कार्तिकेय) महिमा तथा सात खंडों में तीर्थ-वर्णन।वामन पुराणवामन-अवतार प्रधान महापुराण; बलि-प्रसंग तथा शिव-गीता का वर्णन।कूर्म पुराणकूर्म-अवतार प्रधान महापुराण; ईश्वर-गीता तथा सृष्टि-वर्णन।मत्स्य पुराणमत्स्य-अवतार प्रधान महापुराण; प्रलय-कथा तथा राजधर्म का वर्णन।गरुड़ पुराणगरुड़-प्रोक्त महापुराण; मृत्यु, प्रेत-कल्प तथा श्राद्ध-धर्म का वर्णन।ब्रह्माण्ड पुराणब्रह्माण्ड (सृष्टि) प्रधान महापुराण; ललिता सहस्रनाम तथा देवी-माहात्म्य का स्रोत।देवी भागवत पुराणशाक्त महापुराण; देवी की महिमा तथा सृष्टि एवं देवी-कथाएँ।हरिवंश पुराणमहाभारत का परिशिष्ट; श्रीकृष्ण की वंशावली तथा लीलाओं का विस्तृत वर्णन।मनुस्मृतिमनु-प्रणीत सर्वाधिक प्राचीन धर्मशास्त्र; बारह अध्यायों में धर्म-विधान।याज्ञवल्क्य स्मृतियाज्ञवल्क्य-प्रणीत स्मृति; आचार, व्यवहार और प्रायश्चित्त — तीन अध्यायों में धर्म-विधान।पराशर स्मृतिपराशर-प्रणीत स्मृति; कलियुग के अनुकूल धर्म-विधान।न्याय सूत्रगौतम-प्रणीत न्याय दर्शन के सूत्र; प्रमाण, तर्क और ज्ञान-मीमांसा।वैशेषिक सूत्रकणाद-प्रणीत वैशेषिक दर्शन के सूत्र; छह पदार्थ और परमाणु-सिद्धांत।सांख्यकारिकाईश्वरकृष्ण-प्रणीत सांख्य दर्शन का मूल ग्रंथ; 72 कारिकाओं में तत्त्व-विवेचन।योग सूत्रपतंजलि-प्रणीत योग दर्शन के सूत्र; चित्त-वृत्ति-निरोध और अष्टांग योग।मीमांसा सूत्रजैमिनि-प्रणीत पूर्व मीमांसा दर्शन के सूत्र; धर्म, यज्ञ और वेद-विचार।विष्णु सहस्रनाममहाभारत के अनुशासन पर्व में भीष्म-कथित विष्णु के एक हज़ार नामों का स्तोत्र।ललिता सहस्रनामब्रह्माण्ड पुराण में स्थित देवी ललिता के एक हज़ार नामों का शाक्त स्तोत्र।हनुमान चालीसातुलसीदास कृत हनुमान की चालीस चौपाइयों वाली अत्यंत लोकप्रिय स्तुति।राम रक्षा स्तोत्रबुधकौशिक-कथित श्रीराम का रक्षा-स्तोत्र, जिसमें राम-नाम की रक्षा-शक्ति वर्णित है।दुर्गा सप्तशतीमार्कण्डेय पुराण में स्थित सात सौ श्लोकों वाला देवी-माहात्म्य; दुर्गा की महिमा।आदित्य हृदय स्तोत्रवाल्मीकि रामायण में अगस्त्य-कथित सूर्य-स्तोत्र, जो युद्ध से पूर्व श्रीराम को सिखाया गया।योग वासिष्ठवाल्मीकि-कथित वसिष्ठ-राम-संवाद रूपी अद्वैत वेदांत का विशाल ग्रंथ।कुलार्णव तंत्रशिव-पार्वती संवाद रूपी प्रमुख तंत्र ग्रंथ; कुल-आचार तथा तांत्रिक साधना।सनत्कुमार पुराणब्रह्मा के मानस-पुत्र सनत्कुमार द्वारा कथित उपपुराण; ज्ञान, योग, भक्ति और मोक्ष का उपदेश।नरसिंह पुराणविष्णु के नृसिंह अवतार की महिमा तथा भक्त-रक्षा का वर्णन करने वाला वैष्णव उपपुराण।बृहन्नारदीय पुराणनारद-कथित वैष्णव उपपुराण; विष्णु-भक्ति, व्रत, तीर्थ और धर्म का वर्णन।शिवरहस्य पुराणशिव की रहस्यमयी महिमा, ज्ञान और शैव-धर्म का वर्णन करने वाला शैव उपपुराण।दुर्वासा पुराणदुर्वासा ऋषि द्वारा कथित उपपुराण; इसे 'आश्चर्य पुराण' भी कहा जाता है।कपिल पुराणकपिल मुनि द्वारा कथित उपपुराण; तीर्थ-महिमा तथा ज्ञान-योग का वर्णन।मानव पुराणमनु द्वारा कथित उपपुराण; धर्म, सृष्टि और मानव-कर्तव्यों से जुड़ा ग्रन्थ।उशनस् पुराणशुक्राचार्य (उशना) द्वारा कथित उपपुराण; 'औशनस पुराण' के नाम से भी जाना जाता है।वरुण पुराणवरुण देवता द्वारा कथित उपपुराण; वरुण-उपासना तथा तीर्थ-महिमा का वर्णन।कालिका पुराणकाली (देवी) की महिमा तथा कामाख्या-क्षेत्र का वर्णन करने वाला शाक्त उपपुराण।साम्ब पुराणकृष्ण-पुत्र साम्ब तथा सूर्य-उपासना की कथा बताने वाला सौर उपपुराण।नंदि पुराणनंदि की महिमा बताने वाला शैव उपपुराण; इसे 'नंदा' या 'नंदिकेश्वर पुराण' भी कहा जाता है।सूर्य पुराणसूर्य-उपासना तथा शिव-पार्वती की कथाओं से युक्त सौर-शैव उपपुराण (सौर पुराण)।पराशर पुराणपराशर मुनि द्वारा कथित शैव उपपुराण; इसमें १८ अध्याय माने जाते हैं।वसिष्ठ पुराणवसिष्ठ मुनि द्वारा कथित उपपुराण; धर्म और योग का उपदेश देने वाला ग्रन्थ।देवी पुराणदेवी (विंध्यवासिनी) की महिमा तथा शक्ति-उपासना का वर्णन करने वाला शाक्त उपपुराण।गणेश पुराणभगवान गणेश की कथाएँ, महिमा तथा उपासना का वर्णन करने वाला गाणपत्य उपपुराण।हंस पुराणहंस (ब्रह्मा) के संवाद रूप में ज्ञान और भक्ति का उपदेश देने वाला उपपुराण।शाकल शाखाऋग्वेद की एकमात्र पूर्णतः प्रचलित शाखा; आज उपलब्ध ऋग्वेद-संहिता इसी की है।बाष्कल शाखाऋग्वेद की शाखा जिसमें 'खिलानि' मन्त्र मिलते हैं; इसकी संहिता पाण्डुलिपि रूप में सुरक्षित है।आश्वलायन शाखाऋग्वेद की शाखा; आश्वलायन श्रौत व गृह्य सूत्रों के लिए प्रसिद्ध।शौनक शाखाअथर्ववेद की प्रमुख प्रचलित शाखा; शौनक संहिता इसी से सम्बद्ध है।काण्व शाखाशुक्ल यजुर्वेद की शाखा; वाजसनेयी संहिता के काण्व पाठ के लिए प्रसिद्ध।माध्यंदिन शाखाशुक्ल यजुर्वेद की सर्वाधिक प्रचलित शाखा; उत्तर भारत में व्यापक रूप से पाई जाती है।तैत्तिरीय शाखाकृष्ण यजुर्वेद की सर्वाधिक प्रचलित शाखा; दक्षिण भारत में व्यापक रूप से प्रचलित।मैत्रायणी शाखाकृष्ण यजुर्वेद की शाखा; मैत्रायणी संहिता इससे सम्बद्ध है।कठ शाखाकृष्ण यजुर्वेद की शाखा; काठक संहिता और कठोपनिषद इससे सम्बद्ध।कपिष्ठल शाखाकृष्ण यजुर्वेद की शाखा; कपिष्ठल-कठ संहिता इससे सम्बद्ध है।कौथुम शाखासामवेद की सर्वाधिक प्रचलित शाखा; कौथुम संहिता इससे सम्बद्ध है।राणायनी शाखासामवेद की शाखा; राणायनीय संहिता इससे सम्बद्ध है।जैमिनीय शाखासामवेद की शाखा; इसे 'तलवकार' शाखा भी कहा जाता है।पैप्पलाद शाखाअथर्ववेद की शाखा; पैप्पलाद संहिता इससे सम्बद्ध है।चरक शाखाकृष्ण यजुर्वेद की शाखा; 'चरक-कठ' संहिता इससे सम्बद्ध है।वाजसनेयी शाखाशुक्ल यजुर्वेद की मूल शाखा; वाजसनेयी संहिता इससे सम्बद्ध है।शांखायन शाखाऋग्वेद की शाखा; शांखायन ब्राह्मण, आरण्यक व कल्पसूत्र इससे सम्बद्ध।माण्डूकायन शाखाऋग्वेद की प्राचीन शाखा; माण्डूकि शिक्षा इससे सम्बद्ध मानी जाती है।कौषीतकि उपनिषदऋग्वेद की कौषीतकि शाखा का प्राचीन उपनिषद; प्राण और प्रज्ञा को आत्मा बताता है।मैत्रायणी उपनिषदकृष्ण यजुर्वेद की मैत्रायणी शाखा का उपनिषद; आत्मा के दो रूप और शब्दब्रह्म बताता है।कैवल्य उपनिषदकेवल त्याग से अमरत्व का उपदेश देने वाला लघु उपनिषद; ब्रह्म और शिव की एकता बताता है।जाबाल उपनिषदसंन्यास और काशी को अविमुक्त क्षेत्र बताने वाला उपनिषद; किसी भी आश्रम में त्याग संभव।पैंगल उपनिषदयाज्ञवल्क्य और शिष्य पैंगल का संवाद; जीव-ब्रह्म की एकता और पंचीकरण बताता है।वज्रसूचिका उपनिषदजाति नहीं, कर्म और ज्ञान से ब्राह्मणत्व सिद्ध करने वाला सामवेदीय उपनिषद।तेजोबिंदु उपनिषदध्यान और योग पर बल देने वाला उपनिषद; अहं ब्रह्मास्मि के निरंतर चिंतन का उपदेश।नृसिंहतापनी उपनिषदनृसिंह को ब्रह्म मानने वाला वैष्णव उपनिषद; नृसिंह-मंत्र का प्रतिपादक।महानारायण उपनिषदनारायण को परब्रह्म बताने वाला उपनिषद; नारायण सूक्त, दुर्गा सूक्त और गायत्री इसमें हैं।शांडिल्य उपनिषदअष्टांग योग और ध्यान का प्रतिपादन करने वाला अथर्ववेदीय उपनिषद।योगतत्त्व उपनिषदमंत्र, लय, हठ और राजयोग का वर्णन; ज्ञान और योग दोनों को मोक्ष का साधन बताता है।हंस उपनिषदगौतम और सनत्कुमार का संवाद; हंस-विद्या और सोऽहम् ध्यान का प्रतिपादन।परमहंस उपनिषदब्रह्मा और नारद का संवाद; परमहंस संन्यासी के लक्षण और जीवन्मुक्ति का वर्णन।अमृतबिंदु उपनिषदमन को बंध और मोक्ष का कारण बताने वाला उपनिषद; मन की शुद्धि पर बल।आत्मा उपनिषदअंगिरा के उपदेश में आत्मा के तीन रूप — बहिरात्मा, अंतरात्मा और परमात्मा — का वर्णन।ब्रह्म उपनिषदपिप्पलाद और शौनक का संवाद; आत्मा की चार अवस्थाएँ और संन्यास का प्रतिपादन।गणपति अथर्वशीर्षगणपति को परब्रह्म बताने वाला अथर्ववेदीय स्तोत्र-उपनिषद।नारायण उपनिषदनारायण को एकमात्र देव और परब्रह्म बताने वाला वैष्णव उपनिषद; ॐ नमो नारायणाय मंत्र।रामरहस्य उपनिषदश्रीराम को परब्रह्म और राम-नाम को मोक्ष का साधन बताने वाला वैष्णव उपनिषद।रामतापनी उपनिषदराम को ब्रह्म बताने वाला तापनी उपनिषद; राम-नाम और राम-तारक मंत्र का प्रतिपादक।सीता उपनिषदसीता को परा प्रकृति और ब्रह्मस्वरूपा देवी बताने वाला उपनिषद।अन्नपूर्णा उपनिषदअन्नपूर्णा देवी और अन्न को ब्रह्म बताने वाला उपनिषद; ज्ञान और वैराग्य का उपदेश।सुबाल उपनिषदनारायण को जगत का मूल और ब्रह्म बताने वाला उपनिषद; पुरुषसूक्त पर आधारित।निर्वाण उपनिषदसंन्यासी के स्वरूप और निर्वाण-अवस्था का सूत्र-शैली में वर्णन करने वाला उपनिषद।अध्यात्म उपनिषददेह और आत्मा के विवेक तथा सोऽहम् ध्यान का उपदेश देने वाला उपनिषद।अक्षि उपनिषदसूर्यदेव के मुख से चाक्षुष्मती विद्या और अद्वैत ब्रह्मज्ञान का उपदेश देने वाला उपनिषद।श्रौतसूत्रवैदिक सार्वजनिक यज्ञों की विधि और मंत्र-प्रयोग बताने वाला कल्पसूत्र का प्रमुख भाग।गृह्यसूत्रगृहस्थ के नित्य कर्मों और सोलह संस्कारों की विधि बताने वाला कल्पसूत्र का भाग।धर्मसूत्रधर्म, कर्तव्य, आचार और प्रायश्चित के नियम सूत्र-रूप में देने वाला कल्प-ग्रंथ।शुल्बसूत्रयज्ञ-वेदी बनाने की ज्यामितीय विधि बताने वाला वेदांग-ग्रंथ।कल्पसूत्रवेदांग-रूप में यज्ञ, संस्कार और आचार की विधि बताने वाला सूत्र-साहित्य।रघुवंशकालिदास का महाकाव्य, जो रघु राजवंश की परंपरा में राम तक की कथा प्रस्तुत करता है।कुमारसंभवकालिदास का महाकाव्य, जिसमें शिव-पार्वती विवाह और कार्तिकेय के जन्म की कथा है।मेघदूतकालिदास का खंडकाव्य, जिसमें यक्ष मेघ के माध्यम से अपनी पत्नी को संदेश भेजता है।किरातार्जुनीयभारवि का महाकाव्य, जिसमें अर्जुन की तपस्या और शिव से पाशुपतास्त्र-प्राप्ति की कथा है।शिशुपालवधमाघ का महाकाव्य, जिसमें शिशुपाल-वध तक की कृष्ण-कथा विस्तार से वर्णित है।नैषधीयचरितश्रीहर्ष का महाकाव्य, जिसमें नल और दमयन्ती की प्रेम-कथा काव्य-वैभव के साथ है।भट्टिकाव्यभट्टि का काव्य, जो राम-कथा के साथ पाणिनि व्याकरण के नियमों का उदाहरण देता है।जानकीहरणकुमारदास का महाकाव्य, जो रामायण की कथा को बीस सर्गों में प्रस्तुत करता है।बुद्धचरितअश्वघोष का महाकाव्य, जिसमें भगवान बुद्ध का जीवन-चरित काव्य-रूप में वर्णित है।सौंदरानंदअश्वघोष का काव्य, जिसमें बुद्ध द्वारा भाई नंद के मोक्ष-मार्ग में प्रवेश की कथा है।रावणवधरामायण-आधारित काव्य, जो भट्टिकाव्य का ही अपर नाम है।सेतुबंधप्रवरसेन का प्राकृत महाकाव्य, जिसमें राम द्वारा समुद्र पर सेतु-निर्माण की कथा है।विवेकचूड़ामणिशंकराचार्य का प्रसिद्ध ग्रंथ, जो वेदांत-साधक के लिए आत्म-विवेक का मार्ग दिखाता है।पंचदशीविद्यारण्य का वेदांत-ग्रंथ, जो अद्वैत-सिद्धांत को पंद्रह अध्यायों में समझाता है।अपरोक्षानुभूतिशंकराचार्य को समर्पित वेदांत-ग्रंथ, जो प्रत्यक्ष आत्म-अनुभूति का मार्ग बताता है।आत्मबोधशंकराचार्य का संक्षिप्त वेदांत-ग्रंथ, जो आत्मा के स्वरूप का सुबोध ज्ञान देता है।दृग्दृश्यविवेकशंकराचार्य को समर्पित वेदांत-ग्रंथ, जो द्रष्टा और दृश्य का विवेक सिखाता है।वेदांतसारसदानंद का वेदांत-ग्रंथ, जो अद्वैत-सिद्धांतों का क्रमबद्ध और सुबोध वर्णन करता है।सर्वदर्शनसंग्रहमाधवाचार्य का ग्रंथ, जो भारतीय दर्शनों का सर्वेक्षण और समीक्षा प्रस्तुत करता है।तत्त्वबोधशंकर-परंपरा का संक्षिप्त वेदांत-ग्रंथ, जो आत्मा और ब्रह्म का तत्त्व सिखाता है।पंचीकरणशंकराचार्य का लघु वेदांत-ग्रंथ, जो पाँच महाभूतों के पंचीकरण की प्रक्रिया बताता है।महानिर्वाण तंत्रएक प्रमुख तंत्र-ग्रंथ, जो शिव-पार्वती संवाद में कर्मकांड, साधना और मोक्ष बताता है।तंत्रराज तंत्रएक तांत्रिक ग्रंथ, जो मंत्र-साधना और श्रीविद्या-परंपरा से जुड़ा माना जाता है।रुद्रयामलयामल-वर्ग का तांत्रिक ग्रंथ, जो शिव-पार्वती संवाद में तंत्र-ज्ञान प्रस्तुत करता है।शैव आगमशिव-उपासना के आगम-ग्रंथ, जो शैव सिद्धांत, मंदिर-निर्माण और साधना बताते हैं।वैष्णव आगमविष्णु-उपासना के आगम-ग्रंथ, जो पंचरात्र परंपरा में पूजा और सिद्धांत बताते हैं।नित्याषोडशिकार्णववामकेश्वर का तंत्र-ग्रंथ, जो श्रीविद्या और षोडशी-उपासना से जुड़ा माना जाता है।हर्षचरितबाणभट्ट का गद्य-काव्य, जिसमें सम्राट हर्षवर्धन का जीवन-चरित वर्णित है।योगयाज्ञवल्क्ययाज्ञवल्क्य से जुड़ा योग-ग्रंथ, जो अष्टांग योग और आत्मज्ञान का वर्णन करता है।हठयोगप्रदीपिकास्वात्माराम का हठयोग-ग्रंथ, जो आसन, प्राणायाम और मुद्राओं की साधना बताता है।घेरण्ड संहिताघेरण्ड का हठयोग-ग्रंथ, जो सप्तांग योग की साधना विधि बताता है।शिव संहिताशिव-परंपरा का योग-ग्रंथ, जो हठयोग और वेदांत का समन्वय प्रस्तुत करता है।नारद भक्ति सूत्रनारद से जुड़े भक्ति-सूत्र, जो भक्ति के स्वरूप और साधन को सूत्रों में बताते हैं।शांडिल्य भक्ति सूत्रशांडिल्य का भक्ति-सूत्र, जो भक्ति को ईश्वर में परम अनुरक्ति कहता है।