आदि पर्व
ग्रंथ
अन्य नाम: आदिपर्व, आदि पर्व, प्रथम पर्व
रचयिता / कर्ता: वेदव्यास / वैशंपायन-सूत
आदि पर्व महाभारत का पहला पर्व है। इसमें कुरुवंश की उत्पत्ति, शांतनु-गंगा-भीष्म की कथा, सत्यवती तथा वेदव्यास का प्रसंग, और कौरव-पांडवों के जन्म का वर्णन है।
इसमें पांडु-कुंती-माद्री, पांडवों का बचपन, द्रोणाचार्य से शिक्षा और कौरवों के षड्यंत्र का आरंभ है। हिडिम्बा-वध, बकासुर-वध और द्रौपदी स्वयंवर जैसे प्रसंग यहीं आते हैं।
लाक्षागृह (जतुगृह) का षड्यंत्र और उससे पांडवों का बचाव तथा विदुर की सहायता भी आदि पर्व में है। अंत में पांडवों को आधा राज्य मिलता है और युधिष्ठिर राजसूय की तैयारी करते हैं।
यह पर्व महाभारत की समस्त कथा का बीज है और इसमें जनमेजय-सर्पयज्ञ तथा वैशंपायन-सूत द्वारा कथा-कथन की रूपरेखा भी है।
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स्रोत: महाभारत, आदि पर्व