सेतुबंध
ग्रंथ
अन्य नाम: सेतुबन्ध, रावणवहो
रचयिता / कर्ता: प्रवरसेन
सेतुबंध प्रवरसेन की रचना है, जिसमें राम द्वारा समुद्र पर सेतु बाँधने की कथा प्राकृत भाषा में वर्णित है। इसे कुछ परंपराओं में रावणवहो नाम से भी जाना जाता है।
रचयिता प्रवरसेन हैं। ग्रंथ महाराष्ट्री प्राकृत में लिखा गया है और इसे प्राकृत महाकाव्य-परंपरा का सर्वोच्च उदाहरण माना जाता है।
विषय राम-कथा, वीरता और सेतु-निर्माण है। सेतुबंध प्राकृत साहित्य की गौरव-कृति मानी जाती है और इसकी काव्य-भाषा तथा अलंकार-योजना की बहुत प्रशंसा होती है।
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स्रोत: सेतुबंध (प्रवरसेन)