कामदहन
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: कामदहन, अनंग
कामदहन की कथा शिव की तपस्या और इंद्र की चिंता से जुड़ी है। तारकासुर के वध के लिए शिव-पार्वती का विवाह आवश्यक था, पर शिव तपस्या में लीन थे।
यह कथा शिव पुराण तथा कालिदास के कुमारसंभव में वर्णित है। कथा के मुख्य पात्र कामदेव, रति, शिव, पार्वती और इंद्र हैं।
इंद्र के कहने पर कामदेव ने शिव पर पुष्प-बाण चलाए, तब शिव ने क्रोध में अपनी तीसरी आँख से उसे भस्म कर दिया। रति के विलाप पर कामदेव को अनंग रूप में जीवन मिला। यह कथा तपस्या की शक्ति और काम-विजय का प्रतीक है।
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स्रोत: शिव पुराण