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अस्ताचल

नदियाँ एवं पर्वत

अन्य नाम: अस्तगिरि, अस्ताचल

पर्वतपुराणसूर्य

अस्ताचल पश्चिम दिशा का पर्वत है, जहाँ सूर्य के अस्त होने की कल्पना की गई। इसे अस्तगिरि भी कहते हैं।

इसका संबंध सूर्य-उपासना और दिशा-वर्णन से जोड़ा जाता है। उदयाचल (पूर्व) के विपरीत इसे पश्चिम का सूर्य-पर्वत कहा जाता है।

पुराणों में सूर्य के उदय (उदयाचल) और अस्त (अस्ताचल) का वर्णन मिलता है। अस्ताचल की तुलना उदयाचल से की जाती है।

प्रसिद्ध कथन

सूर्य अस्ताचल पर्वत पर अस्त होते माने गए हैं। (भावानुवाद)

संबंधित

सूर्यमेरु पर्वतपुराण

स्रोत: पुराण; सूर्य सिद्धांत