नदियाँ एवं पर्वत
पवित्र नदियाँ और पर्वत — उनका उद्गम, मार्ग और शास्त्रीय प्रसंग।
यमुना नदीयमुना यमुनोत्री से निकलकर प्रयाग में गंगा से मिलने वाली पवित्र नदी है।सरयू नदीसरयू अयोध्या से बहने वाली पवित्र नदी है, जो राम की नगरी की जीवन-रेखा मानी जाती है।गोदावरी नदीगोदावरी दक्षिण भारत की सबसे बड़ी नदी है, जिसे दक्षिण गंगा कहा जाता है।नर्मदा नदीनर्मदा अमरकंटक से निकलकर पश्चिम की ओर बहने वाली पुण्यदायिनी नदी है।कावेरी नदीकावेरी कर्नाटक की तालकावेरी से निकलकर दक्षिण भारत को सींचने वाली पुण्य नदी है।ताप्ती नदीताप्ती मध्य प्रदेश के मुलताई से निकलकर पश्चिम की ओर बहने वाली नदी है।विपाशा नदीविपाशा (ब्यास) हिमाचल से निकलकर पंजाब में सतलुज से मिलने वाली वैदिक नदी है।शतद्रु नदीशतद्रु (सतलुज) हिमालय से निकलकर पंजाब से बहने वाली वेद-प्रसिद्ध नदी है।चंद्रभागा नदीचंद्रभागा चंद्र ताल से निकलकर पंजाब की ओर बहने वाली वैदिक नदी है।ब्रह्मपुत्र नदीब्रह्मपुत्र तिब्बत से निकलकर असम और बांग्लादेश से बहने वाली विशाल नदी है।तमसा नदीतमसा (टोंस) यमुना की सहायक नदी है, जिसके तट पर वाल्मीकि आश्रम रहा।गंडकी नदीगंडकी नेपाल हिमालय से निकलकर बिहार में गंगा से मिलने वाली पवित्र नदी है।कोसी नदीकोसी नेपाल हिमालय से निकलकर बिहार में गंगा से मिलने वाली नदी है।बेतवा नदीबेतवा मध्य प्रदेश से निकलकर उत्तर प्रदेश में यमुना से मिलने वाली नदी है।चंबल नदीचंबल मध्य प्रदेश के जनापाव से निकलकर यमुना में मिलने वाली नदी है।ऋषिकुल्या नदीऋषिकुल्या ओडिशा की पवित्र नदी है, जिसके तट पर ऋषियों के आश्रम रहे।गोमती नदीगोमती उत्तर प्रदेश की नदी है, जिसके तट पर लखनऊ और जौनपुर बसे हैं।दामोदर नदीदामोदर झारखंड से निकलकर पश्चिम बंगाल में हुगली से मिलने वाली नदी है।सोन नदीसोन अमरकंटक के निकट से निकलकर बिहार में गंगा से मिलने वाली नदी है।महानदीमहानदी छत्तीसगढ़ से निकलकर ओडिशा में बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदी है।तुंगभद्रा नदीतुंगभद्रा तुंगा और भद्रा के मिलन से बनी कर्नाटक की प्रमुख नदी है।रवि नदीरवि हिमाचल से निकलकर पंजाब में बहने वाली वैदिक नदी है।वितस्ता नदीवितस्ता (झेलम) कश्मीर घाटी से बहने वाली वेद-प्रसिद्ध नदी है।सिंधु नदीसिंधु तिब्बत से निकलकर भारत और पाकिस्तान से बहने वाली महान हिमालयी नदी है।पम्पा नदीपम्पा कर्नाटक की पवित्र नदी है, जिसके तट पर ऋष्यमूक और हम्पी हैं।हिमालयहिमालय संसार का सबसे ऊँचा पर्वत है, जिसे देवताओं का निवास कहा जाता है।मेरु पर्वतमेरु को पुराणों में सृष्टि के मध्य का स्वर्णमय पर्वतराज कहा गया है।विंध्य पर्वतविंध्य मध्य भारत में फैला पर्वत है, जो अगस्त्य ऋषि की कथा के लिए प्रसिद्ध है।अरावलीअरावली संसार की प्राचीनतम वलित पर्वत-श्रेणी है, जो राजस्थान से गुजरात तक फैली है।गंधमादन पर्वतगंधमादन पुराणों में मेरु के निकट का दिव्य पर्वत है, जो सुगंध से मोहित करने वाला माना गया।मैनाक पर्वतमैनाक हिमालय का पुत्र माना जाने वाला पर्वत है, जो रामायण में हनुमान की सहायता करता है।माल्यवान पर्वतमाल्यवान पुराणों में मेरु के निकट का दिव्य पर्वत है, जो देव-उद्यानों से युक्त माना गया।निषध पर्वतनिषध पुराणों में मेरु के निकट का एक प्रमुख वर्ष-पर्वत माना गया है।हेमकूट पर्वतहेमकूट पुराणों में मेरु के निकट का स्वर्णमय दिव्य पर्वत माना गया है।त्रिकूट पर्वतत्रिकूट तीन शिखरों वाला पर्वत है, जिसे रामायण में लंका और किष्किंधा से जोड़ा गया।क्रौंच पर्वतक्रौंच पर्वत पुराणों में मेरु के निकट का दिव्य पर्वत माना गया, जो सरोवर से युक्त है।महेंद्र पर्वतमहेंद्र पर्वत पूर्वी घाट का प्रमुख पर्वत है, जिसे रामायण में तीर्थ-स्थल कहा गया।ऋष्यमूकऋष्यमूक रामायण का प्रसिद्ध पर्वत है, जहाँ सुग्रीव और हनुमान रहे।द्रोणगिरिद्रोणगिरि हिमालय का पर्वत है, जिससे हनुमान संजीवनी लाए थे।अस्ताचलअस्ताचल पश्चिम दिशा का पर्वत है, जहाँ सूर्य अस्त होते माने गए।