माद्री
महाभारत
माद्री मद्र देश के राजा की पुत्री और शल्य की बहन थीं। पांडु ने कुंती के बाद माद्री से विवाह किया। संतान-प्राप्ति के लिए पांडु की अनुमति से कुंती ने मंत्र के बल पर देवताओं को आमंत्रित किया; माद्री ने अश्विनीकुमारों का आह्वान कर नकुल और सहदेव को जन्म दिया।
एक दिन ऋषि-शाप के कारण पांडु ने माद्री के साथ प्रसंग में प्राण खो दिए। माद्री ने अपने पति की मृत्यु का दोष स्वयं पर लेते हुए कुंती को बच्चों की देखभाल सौंपी।
उन्होंने पांडु की चिता पर ही सती होकर प्राण त्याग दिए। नकुल-सहदेव माता की दृष्टि से माद्री के और कुंती के पुत्र कहे जाते हैं, पर पाँचों पांडवों को कुंती ने ही पाला।
नाते-रिश्ते
- पिता: मद्रराज
- भाई: शल्य
- पति: पांडु
- पुत्र: नकुल
- पुत्र: सहदेव
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स्रोत: महाभारत – आदि पर्व