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कुरुक्षेत्र युद्ध

कथाएँ एवं घटनाएँ

अन्य नाम: महाभारत युद्ध, कुरुक्षेत्र महायुद्ध

कुरुक्षेत्रमहायुद्धअठारह दिन

राज्य-वापसी की माँग और शांति-प्रयास असफल होने पर कौरवों और पांडवों के बीच युद्ध अनिवार्य हो गया। दोनों सेनाएँ कुरुक्षेत्र के मैदान में आमने-सामने एकत्र हुईं।

कौरवों की सेना का नेतृत्व क्रमशः भीष्म, द्रोण, कर्ण और शल्य ने किया; पांडवों की सेना का नेतृत्व धृष्टद्युम्न तथा युधिष्ठिर ने श्रीकृष्ण के परामर्श से किया।

युद्ध अठारह दिन चला। पहले दस दिन भीष्म सेनापति रहे, फिर पाँच दिन द्रोण, दो दिन कर्ण और अंतिम दिन शल्य। प्रत्येक दिन नए-नए निर्णायक प्रसंग घटित हुए।

अंतिम दिन के बाद सभी कौरव योद्धा और दुर्योधन मारे गए, और पांडवों को विजय मिली। इस युद्ध में दोनों पक्षों के अनेक वीर, गुरु, भाई और बंधु नष्ट हुए, जिससे कुल-क्षय का भीषण शोक हुआ।

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स्रोत: महाभारत – भीष्म पर्व