शास्त्रज्ञशास्त्रों के ग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान और शब्द — एक जगह

वट सावित्री व्रत

व्रत एवं त्योहार

अन्य नाम: वट सावित्री

व्रतसावित्रीज्येष्ठअमावस्या

वट सावित्री व्रत सावित्री और सत्यवान की कथा से जुड़ा व्रत है।

यह ज्येष्ठ मास की अमावस्या को, सामान्यतः मई-जून में किया जाता है।

विधि में वट वृक्ष की पूजा, उसके चारों ओर धागा लपेटना, सावित्री-सत्यवान की कथा सुनना और निर्जला उपवास शामिल हैं। कथा के अनुसार सावित्री ने अपनी पतिव्रता-शक्ति से यमराज से सत्यवान का प्राण वापस पाया। यह पर्व पतिव्रता, साहस और सुहाग की रक्षा का प्रतीक है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ वटाय नमः।

संबंधित

सावित्रीसत्यवानयम

स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध / महाभारत (वन पर्व)