शुनःशेप
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: शुनःशेप, देवरात
शुनःशेप अजीगर्त ऋषि के पुत्र थे। उन्हें पिता ने राजा हरिश्चंद्र के पुत्र-यज्ञ हेतु विक्रय किया था।
यज्ञ में बलि के समय शुनःशेप ने देवताओं से प्रार्थना की। विश्वामित्र की कृपा और उनके पुत्रों के सहयोग से वे बंधन से मुक्त हुए।
मुक्त होकर शुनःशेप विश्वामित्र के पुत्रों में मिले और देवरात कहलाए। यह कथा वैदिक आहुति-परंपरा और करुणा का प्रसिद्ध प्रसंग है।
नाते-रिश्ते
- पिता: अजीगर्त
- मुक्तिदाता: विश्वामित्र
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स्रोत: वाल्मीकि रामायण – बालकांड