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मैत्रायणी शाखा

ग्रंथ

अन्य नाम: मैत्रायणीय शाखा, मैत्रायणि शाखा

रचयिता / कर्ता: मैत्रेय (मैत्रायणी परम्परा) / परंपरा-प्रसिद्ध

वेदशाखायजुर्वेद

मैत्रायणी शाखा कृष्ण यजुर्वेद की शाखा है; इसकी संहिता मैत्रायणी संहिता कहलाती है।

यह मुख्यतः गुजरात (मोरवी), महाराष्ट्र (नासिक, धुले आदि) तथा राजस्थान में प्रचलित रही है।

मैत्रायणी ब्राह्मण और मैत्रायणी उपनिषद इससे जुड़े हैं; इसमें मन्त्र और ब्राह्मण मिश्रित रूप में मिलते हैं।

संबंधित

यजुर्वेदतैत्तिरीय शाखाकठ शाखाचार वेद

स्रोत: vedicheritage.gov.in (Maitrayani Samhita); harekrsna.com