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कार्तिकेय जन्म

कथाएँ एवं घटनाएँ

अन्य नाम: कार्तिकेय, स्कन्द, मुरुगन

शिवपार्वतीदेवतातारकासुर

कार्तिकेय जन्म की कथा देवताओं की रक्षा की कथा है। तारकासुर के अत्याचार से दुखी देवताओं ने शिव और पार्वती से पुत्र की प्रार्थना की।

यह कथा शिव पुराण तथा कालिदास के कुमारसंभव में वर्णित है। कथा के मुख्य पात्र कार्तिकेय (स्कन्द), शिव, पार्वती, अग्नि, गंगा और तारकासुर हैं।

शिव का तेज अग्नि में रखा गया और गंगा तथा कृत्तिकाओं द्वारा पालित होकर कार्तिकेय का जन्म हुआ। छह दिन की आयु में ही उन्होंने तारकासुर का वध किया और देवताओं को रक्षा दी। यह कथा वीरता और धर्म-रक्षा का प्रतीक है।

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कार्तिकेयशिवपार्वतीतारकासुर वधगंगा

स्रोत: शिव पुराण