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अरुंधती

स्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ

अन्य नाम: अरुंधती

सप्तर्षि पत्नीपतिव्रतापुराण

अरुंधती भारतीय परंपरा में पतिव्रता और सतीत्व की सर्वोच्च प्रतीक मानी जाती हैं।

शिव पुराण के अनुसार वे पूर्व जन्म में ब्रह्मा की मानस पुत्री संध्या थीं, जो तप करके मेधातिथि की पुत्री अरुंधती के रूप में जन्मीं; भागवत पुराण में वे कर्दम प्रजापति और देवहूति की आठवीं पुत्री हैं।

ब्रह्मा, विष्णु और शिव ने उनका विवाह महर्षि वसिष्ठ से कराया; कथा में वे सतीत्व और धैर्य की मूर्ति हैं तथा वसिष्ठ के साथ उनका दांपत्य आदर्श माना जाता है। वे सप्तर्षियों की पत्नियों में गिनी जाती हैं और आकाश में अरुंधती नक्षत्र (सप्तर्षि मंडल के निकट) के रूप में प्रतिष्ठित हैं; विवाह-संस्कार में वधू को अरुंधती दिखाने की परंपरा प्रचलित है।

नाते-रिश्ते

  • पति: वसिष्ठ
  • पिता: मेधातिथि (शिव पुराण अनुसार)
  • पिता: कर्दम (भागवत अनुसार)

पूर्वजन्म एवं प्रारब्ध

शिव पुराण के अनुसार पूर्व जन्म में ब्रह्मा की मानस पुत्री संध्या थीं।

संबंधित

वसिष्ठअत्रिअनसूयासंध्या

स्रोत: शिव पुराण / श्रीमद्भागवत पुराण