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ऋष्यशृंग

वेद एवं पुराण

अन्य नाम: ऋष्यशृंग, एकशृंग

ऋषियज्ञदशरथ

ऋष्यशृंग विभाण्डक ऋषि के पुत्र थे। वे आश्रम में एकांत जीवन बिताते थे और स्त्री-दर्शन से अनजान थे।

अंगदेश के राजा रोमपाद ने वर्षा-अनावृष्टि दूर करने हेतु ऋष्यशृंग को अपने राज्य में लाया। उनके आगमन से वर्षा हुई।

बाद में ऋष्यशृंग को राजा दशरथ के पुत्रेष्टि यज्ञ का ऋत्विक् बनाया गया, जिसके फलस्वरूप राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ। वे तपस्या और यज्ञ-शक्ति के प्रतीक हैं।

नाते-रिश्ते

  • पिता: विभाण्डक
  • यज्ञकर्ता: दशरथ
  • आश्रयदाता: रोमपाद

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दशरथश्रीरामयज्ञ

स्रोत: वाल्मीकि रामायण – बालकांड