नारद भक्ति सूत्र
ग्रंथ
अन्य नाम: नारदभक्तिसूत्र
रचयिता / कर्ता: नारद
नारद भक्ति सूत्र भक्ति-साहित्य का प्रसिद्ध ग्रंथ है, जिसमें भक्ति के स्वरूप, लक्षण और साधन सूत्र-रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।
इसके रचयिता परंपरा से नारद मुनि माने जाते हैं। ग्रंथ में लगभग चौरासी सूत्र हैं और इसमें भक्ति को परम प्रेम के रूप में परिभाषित किया गया है।
विषय भक्ति-तत्त्व, प्रेम, सत्संग और भगवत्-प्राप्ति है। नारद भक्ति सूत्र भक्ति-आंदोलन का मूल आधार माना जाता है और इसका प्रभाव अनेक संप्रदायों पर पड़ा।
प्रसिद्ध कथन
अथातो भक्तिं व्याख्यास्यामः। (नारद भक्ति सूत्र, प्रथम सूत्र)
सा त्वस्मिन् परमप्रेमरूपा। (नारद भक्ति सूत्र, द्वितीय सूत्र)
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स्रोत: नारद भक्ति सूत्र