हम्पी
तीर्थ एवं स्थान
अन्य नाम: हम्पी, पंपा क्षेत्र, किष्किंधा
हम्पी कर्नाटक के विजयनगर (पूर्व बल्लारी) ज़िले में, तुंगभद्रा नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है। इसे प्राचीन 'पंपा क्षेत्र' कहा जाता है और यह रामायण-कालीन किष्किंधा से जोड़ा जाता है, जहाँ सुग्रीव और वालि का राज्य था।
हम्पी 14वीं-16वीं सदी में विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी; कृष्णदेवराय के काल में यह अपने चरम पर पहुँची। विरूपाक्ष (पंपापति) मंदिर यहाँ का प्रमुख जीवित मंदिर है, जिसका नव-मंजिला गोपुरम प्रसिद्ध है। विट्ठल मंदिर, हजारा राम मंदिर, नरसिंह और गणेश की विशाल मूर्तियाँ तथा महानवमी डिब्बा यहाँ के उल्लेखनीय अवशेष हैं।
महात्व: कथा है कि पार्वती ने पंपा रूप में यहीं शिव को पाने के लिए तपस्या की; उसी स्थान पर विरूपाक्ष मंदिर बना। हम्पी युनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है।
संबंधित
स्रोत: वाल्मीकि रामायण (किष्किंधा काण्ड); स्कन्द पुराण