शास्त्रज्ञशास्त्रों के ग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान और शब्द — एक जगह

वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग

मंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ

अन्य नाम: वैद्यनाथ, बैद्यनाथ, बाबा बैद्यनाथ, देवघर

ज्योतिर्लिंगशिवद्वादश ज्योतिर्लिंगमंदिरतीर्थझारखंड

वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग झारखंड राज्य के देवघर (संथाल परगना) में विराजमान है। यह स्थान शिव और शक्ति — दोनों की उपासना का केंद्र माना जाता है। वैद्यनाथ के स्थान को लेकर परंपराओं में मतभेद भी है; महाराष्ट्र के परली (बीड जिला) स्थित वैद्यनाथ को भी ज्योतिर्लिंग माना जाता है।

यहाँ शिव 'वैद्यनाथ' अर्थात 'वैद्यों (चिकित्सकों) के स्वामी' रूप में पूजित हैं। मान्यता है कि यह लिंग स्वयंभू है। यहाँ के ज्योतिर्लिंग को सर्व-मनोकामना पूर्ण करने वाला माना जाता है।

कथा के अनुसार रावण ने घोर तपस्या से शिव को प्रसन्न करके उनसे लिंग प्राप्त किया, परंतु शर्त यह थी कि लिंग को मार्ग में कहीं रखा न जाए। देवताओं ने छल से उसे ग्वाले को सौंप दिया, जिससे लिंग वहीं स्थिर हो गया और शिव वैद्यनाथ रूप में विराजमान हुए। श्रावण मास में सुल्तानगंज से जल लाकर कांवड़ यात्रा द्वारा अभिषेक की परंपरा प्रसिद्ध है।

प्रसिद्ध कथन

परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्। (द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम्)
(भावानुवाद) परली में वैद्यनाथ और डाकिनी देश में भीमशंकर विराजमान हैं।

संबंधित

शिवद्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रानागेश्वर ज्योतिर्लिंग

स्रोत: शिव पुराण; परंपरा-प्रसिद्ध