देवी भागवत पुराण
ग्रंथ
अन्य नाम: देवीभागवत, देवी भागवत
रचयिता / कर्ता: वेदव्यास
देवी भागवत पुराण अट्ठारह महापुराणों में शाक्त परंपरा का प्रमुख ग्रंथ है। परंपरा के अनुसार इसकी रचना वेदव्यास द्वारा मानी जाती है, यद्यपि कुछ विद्वान इसे परवर्ती मानते हैं।
ग्रंथ बारह स्कंधों में विभाजित है और इसमें लगभग अठारह हज़ार श्लोक माने जाते हैं। मुख्य विषय आदि-शक्ति देवी की महिमा, उनके विविध रूप तथा शक्ति-उपासना है।
इसमें देवी की स्तुतियाँ, अनेक देवी-कथाएँ, सृष्टि-वर्णन तथा भक्ति-शिक्षा हैं। यह भागवत पुराण के समान ही शुकदेव-परीक्षित संवाद रूप में है।
महात्मा: शाक्त परंपरा में यह मूल ग्रंथ माना जाता है और देवी-उपासना, तंत्र तथा शक्ति-भक्ति का आधार है।
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स्रोत: देवी भागवत पुराण