कपिल
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: कपिल मुनि, महर्षि कपिल, कपिलाचार्य
कपिल महर्षि सांख्य दर्शन के आदि प्रवर्तक माने जाते हैं और पुराणों में इन्हें विष्णु का अवतार कहा गया है। इन्हें कर्दम ऋषि और देवहूति के पुत्र बताया गया है।
श्रीमद्भागवत पुराण में कपिल ने अपनी माता देवहूति को सांख्य का गूढ़ ज्ञान दिया, जिसे 'कपिल गीता' कहा जाता है। सांख्य दर्शन के सूत्र 'कपिल सूत्र' इन्हीं से संबद्ध माने जाते हैं।
सबसे प्रसिद्ध प्रसंग सगर के साठ हजार पुत्रों का है। जब उन्होंने अश्व-चोरी का आरोप कपिल मुनि पर लगाया, तब मुनि के तेज से वे सब भस्म हो गए। आगे भगीरथ ने गंगा को लाकर उनका उद्धार किया।
नाते-रिश्ते
- पिता: कर्दम ऋषि
- माता: देवहूति
- अंश: विष्णु
- संबंध: सगर-पुत्र
पूर्वजन्म एवं प्रारब्ध
विष्णु के अवतार
प्रसिद्ध कथन
श्रीमद्भागवत पुराण में कपिल द्वारा देवहूति को दिए गए सांख्य-ज्ञान का वर्णन है (भावानुवाद)।
संबंधित
स्रोत: श्रीमद्भागवत पुराण, विष्णु पुराण