शल्य
महाभारत
अन्य नाम: मद्रराज शल्य
शल्य मद्र देश के राजा, माद्री के भाई और नकुल-सहदेव के मामा थे। वे अत्यंत बलवान और धनुर्धर थे, तथा अपनी वाणी की तीक्ष्णता के लिए भी जाने जाते थे।
शल्य पांडवों की ओर से युद्ध करना चाहते थे, पर मार्ग में दुर्योधन ने उनकी सेवा-सत्कार में वर माँगकर उन्हें कौरव पक्ष में लड़ने के लिए बाध्य कर लिया। युद्ध में दुर्योधन ने शल्य को कर्ण का सारथी बनाया और उन्हें मन ही मन कर्ण को हतोत्साहित करने का निर्देश दिया।
कर्ण की मृत्यु के बाद शल्य कौरव सेना के सेनापति बने और अठारहवें दिन युधिष्ठिर के हाथों मारे गए। शल्य की युद्ध-कथा धोखे, बाध्यता और अंतिम प्रतिरोध से जुड़ी है।
नाते-रिश्ते
- पिता: मद्रराज
- बहन: माद्री
- भानजा: नकुल
- भानजा: सहदेव
- सारथी: कर्ण
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स्रोत: महाभारत – उद्योग पर्व, शल्य पर्व