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गणेश चतुर्थी

व्रत एवं त्योहार

अन्य नाम: विनायक चतुर्थी

त्योहारगणेशभाद्रपदचतुर्थी

गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्म का पर्व है।

यह भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को, सामान्यतः अगस्त-सितंबर में आती है। यह उत्सव दस दिन चलकर अनंत चतुर्दशी को प्रतिमा-विसर्जन के साथ समाप्त होता है।

विधि में मिट्टी की गणेश-प्रतिमा की स्थापना, मोदक-दूर्वा-फूल का अर्पण, आरती और विसर्जन शामिल हैं। कथा के अनुसार माता पार्वती ने गणेश को रचा, शिव ने उनका शीश-छेदन किया और हाथी का शीश लगाकर उन्हें पुनर्जीवित किया। यह पर्व विघ्न-नाश और शुभारंभ का प्रतीक है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ गं गणपतये नमः।
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

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स्रोत: शिव पुराण / गणेश पुराण