वंशावली
सूर्यवंश, चंद्रवंश, यदुवंश आदि — राजवंशों की परंपरा और राजाओं का क्रम।
सूर्यवंशसूर्य (विवस्वान) से चला वैदिक भारत का प्राचीनतम राजवंश, जिसकी राजधानी अयोध्या थी।चंद्रवंशचंद्र (सोम) से चला राजवंश, जिससे यदु, पुरु और कुरु जैसी शाखाएँ निकलीं।इक्ष्वाकु वंशइक्ष्वाकु से चला सूर्यवंश की अयोध्या शाखा, जिसमें राम का जन्म हुआ।रघुवंशइक्ष्वाकु वंश की शाखा, जिसके प्रतापी राजा रघु के नाम पर इसे रघुवंश कहा गया।यदुवंशययाति के पुत्र यदु से चला चंद्रवंश की शाखा, जिसमें श्रीकृष्ण ने जन्म लिया।पुरुवंशययाति के सबसे छोटे पुत्र पुरु से चला वंश, जिसमें भरत, कुरु और पांडव हुए।कुरुवंशराजा कुरु से चला पुरुवंश की शाखा, जिसमें कौरव और पांडव हुए।पांडव वंशराजा पांडु के पाँच पुत्रों से चला वंश, जो कुरुवंश की प्रमुख शाखा है।कौरव वंशधृतराष्ट्र के पुत्रों से चला कुरुवंश की शाखा, जिसका अन्त दुर्योधन पर हुआ।विदेह वंशइक्ष्वाकु के पुत्र निमि से चला मिथिला का वंश, जिसके राजा जनक कहलाते थे।ययाति वंशराजा ययाति का वंश, जिसके पाँच पुत्रों से यदु, पुरु, द्रुह्यु, अनु और तुर्वसु शाखाएँ चलीं।कश्यप वंशप्रजापति कश्यप से चला वंश, जिससे देवता, दैत्य, दानव, नाग और गरुड़ उत्पन्न हुए।सार्याति वंशवैवस्वत मनु के पुत्र सार्याति से चला वंश, जिसमें आनर्त और रैवत हुए।अजमीढ वंशराजा अजमीढ से चला पुरुवंश की शाखा, जिससे कुरु और पांचाल वंश चले।पांचाल वंशअजमीढ की शाखा से चला वंश, जिसके राजा द्रुपद और पुत्री द्रौपदी थीं।काशी वंशकाश से चला वाराणसी का वंश, जिसमें धन्वन्तरि, दिवोदास और प्रतर्दन हुए।मगध वंशबृहद्रथ से चला मगध का प्राचीन वंश, जिसका सबसे प्रतापी राजा जरासंध था।हेहय वंशयदुवंश की शाखा, जिसका सबसे प्रतापी राजा सहस्रार्जुन (कार्तवीर्य अर्जुन) था।