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विष्णु सहस्रनाम 1

रोज़ का श्लोक

अन्य नाम: विश्वं विष्णुर्वषट्कारो

विष्णुमहाभारतस्तोत्र

अर्थ — ॐ, विष्णु विश्वस्वरूप हैं, वषट्कार हैं, भूत-भव्य-भविष्य के स्वामी हैं; वे भूतों के कर्ता, धारण करने वाले, भावस्वरूप, भूतों के आत्मा और भूतों के पालक हैं।

यह विष्णु सहस्रनाम का पहला नाम-श्लोक है, जिसमें भगवान विष्णु के अनेक नामों की श्रृंखला आरम्भ होती है। विष्णु सहस्रनाम महाभारत (अनुशासन पर्व) में युधिष्ठिर के प्रश्न पर भीष्म द्वारा कहा गया है।

श्लोक

ॐ विश्वं विष्णुर्वषट्कारो भूतभव्यभवत्प्रभुः। भूतकृद्भूतभृद्भावो भूतात्मा भूतभावनः॥

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स्रोत: विष्णु सहस्रनाम