ओंकारेश्वर
तीर्थ एवं स्थान
अन्य नाम: ओंकारेश्वर, मांधाता
ओंकारेश्वर मध्य प्रदेश के खंडवा ज़िले में, नर्मदा नदी के बीच मांधाता द्वीप पर स्थित है। द्वीप की आकृति ॐ जैसी मानी जाती है, इसीलिए इसका नाम ओंकारेश्वर पड़ा। यह बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
कथा: कहा जाता है कि विंध्य पर्वत ने अपनी ऊँचाई पर अभिमान किया; नारद की प्रेरणा से उसने शिव की तपस्या की। प्रसन्न शिव ने उसे वरदान दिया और यहीं ओंकार (ॐ) रूप में प्रकट हुए।
महात्व: यहाँ ओंकारेश्वर और समीप के अमरेश्वर — दोनों के दर्शन का विशेष महत्व है; माना जाता है कि दोनों के दर्शन से यात्रा पूर्ण होती है। महाशिवरात्रि पर यहाँ विशेष उत्सव होता है।
संबंधित
स्रोत: स्कन्द पुराण; शिव पुराण