सुग्रीव
रामायण एवं रामचरितमानस
अन्य नाम: सुग्रीव, वानरराज सुग्रीव
सुग्रीव सूर्य के पुत्र तथा किष्किंधा के वानरराज थे; वे बालि (वाली) के छोटे भाई थे। हनुमान उनके मंत्री थे।
बालि से भयभीत होकर वे ऋष्यमूक पर्वत पर रहते थे। राम से मैत्री कर उन्होंने बालि-वध कराया और किष्किंधा का राज्य तथा अपनी पत्नी तारा पुनः प्राप्त की।
वर्षा-काल के पश्चात् उन्होंने वानर-सेना सीता की खोज में भेजी; हनुमान के नेतृत्व में लंका-विजय में सहयोग दिया। उनके पुत्र अंगद राम के दूत बने।
वे चंचल और सुख-प्रिय स्वभाव के थे, परंतु राम के प्रति सच्चे मित्र और सहायक थे।
नाते-रिश्ते
- पिता: सूर्य
- भाई: बालि
- पुत्र: अंगद
- मित्र: श्रीराम
- मंत्री: हनुमान
प्रसिद्ध कथन
राम से मैत्री करते समय: "हे राम, मैं आपका मित्र और दास हूँ; मेरी सेना और जीवन आपके अर्पित है।" (भावानुवाद)
संबंधित
स्रोत: वाल्मीकि रामायण – किष्किंधाकाण्ड; रामचरितमानस – किष्किंधाकाण्ड