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हयग्रीव

वेद एवं पुराण

अन्य नाम: हयग्रीव अवतार, अश्वमुख, हयशिरा

अवतारविष्णुवेदमधु-कैटभज्ञान

हयग्रीव विष्णु का अश्व-मुख (घोड़े के मुख वाला) अवतार हैं। इनका संबंध ज्ञान और वेदों की रक्षा से जुड़ा है।

प्रलय के समय मधु और कैटभ नामक दैत्यों ने वेदों को चुरा लिया। हयग्रीव ने उनका वध करके वेदों को पुनः प्राप्त किया और ब्रह्मा को लौटाए, जिससे ज्ञान की परंपरा पुनः स्थापित हुई।

एक अन्य प्रसंग में हयग्रीव नाम का दैत्य भी बताया गया है, जो कश्यप का पुत्र था और जिसे विष्णु ने मारा। पंचरात्र और तांत्रिक परंपरा में हयग्रीव की उपासना ज्ञान और वाणी की प्राप्ति के लिए की जाती है।

नाते-रिश्ते

  • स्वरूप: विष्णु का अवतार
  • संबंध: वेद-रक्षक
  • शत्रु: मधु-कैटभ

पूर्वजन्म एवं प्रारब्ध

विष्णु का अश्व-मुख अवतार

संबंधित

विष्णुअवतारकश्यपचार वेददेव

स्रोत: श्रीमद्भागवत पुराण, विष्णु पुराण