ब्रह्मपुत्र नदी
नदियाँ एवं पर्वत
अन्य नाम: लौहित्य, ब्रह्मपुत्र
ब्रह्मपुत्र का उद्गम तिब्बत में मानसरोवर के निकट चेमायुंगदुंग हिमनद से माना जाता है। तिब्बत में इसे यारलुंग त्सांगपो कहते हैं।
यह अरुणाचल प्रदेश में सियांग, असम में ब्रह्मपुत्र और बांग्लादेश में जमुना कहलाती है; अंत में बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
कथा है कि परशुराम ने अपने पिता की हत्या का पाप धोने के लिए इस नदी में स्नान किया, जिससे इसे ब्रह्मपुत्र कहा गया। इसे लौहित्य भी कहा जाता है।
प्रसिद्ध कथन
परशुराम के स्नान से यह नदी ब्रह्मपुत्र कहलाई। (भावानुवाद)
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स्रोत: कालिका पुराण; महाभारत