पार्वती
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: उमा, गौरी, हैमवती, अपर्णा, शैलजा
पार्वती पर्वतराज हिमालय और मेना की पुत्री हैं तथा भगवान शिव की अर्धांगिनी। इन्हें उमा, गौरी, हैमवती, अपर्णा और शैलजा आदि नामों से जाना जाता है। शिव पुराण के अनुसार वे दक्ष-पुत्री सती का पुनर्जन्म हैं।
पूर्वजन्म में सती ने दक्ष के यज्ञ में शिव का अपमान सह न सकने पर योगाग्नि में स्वयं को समर्पित कर दिया था। तब सती ने हिमालय के घर पार्वती रूप में जन्म लिया और कठोर तपस्या करके शिव को पति रूप में प्राप्त किया।
इनके पुत्र कार्तिकेय और गणेश हैं। पार्वती सहनशीलता, तपस्या और मातृ-शक्ति की प्रतीक हैं; कथा में उनका तेजस्वी और कभी-कभी रुष्ट रूप भी मिलता है। देवी-उपासना में उनकी दुर्गा और शक्ति के रूप में पूजा होती है।
नाते-रिश्ते
- पति: शिव
- पिता: हिमालय
- माता: मेना
- पुत्र: कार्तिकेय
- पुत्र: गणेश
पूर्वजन्म एवं प्रारब्ध
सती का पुनर्जन्म; दक्ष-यज्ञ में देह त्यागकर हिमालय-पुत्री के रूप में जन्म।
संबंधित
स्रोत: शिव पुराण