प्रहस्त
रामायण एवं रामचरितमानस
प्रहस्त रावण का महामंत्री और सेनापति था। वह रावण की दिग्विजयों में उसकी सेना का नेतृत्व करता था और लंका का प्रमुख योद्धा माना जाता था।
जब राम-सुग्रीव की वानर-सेना लंका पहुँची, तब प्रहस्त ने रावण के आदेश से पूर्वी द्वार से बड़ी सेना के साथ मोर्चा संभाला। वह वानर-सेना को भारी हानि पहुँचाने लगा।
तब वानर-सेनापति नील उसके सामने आए। नील ने शाल-वृक्ष से प्रहस्त के घोड़े मारे, उसका धनुष तोड़ा और अंत में एक विशाल शिला से उसका सिर फोड़कर उसका वध किया। प्रहस्त के मारे जाने पर राक्षस-सेना हताश होकर लंका लौट गई।
नाते-रिश्ते
- स्वामी: रावण
- सहयोगी: विभीषण
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स्रोत: वाल्मीकि रामायण – युद्धकाण्ड