शौनक शाखा
ग्रंथ
अन्य नाम: शौनकीय शाखा, शौनकीया शाखा
रचयिता / कर्ता: शौनक / परंपरा-प्रसिद्ध
शौनक शाखा अथर्ववेद की प्रमुख शाखा है। पतञ्जलि के अनुसार अथर्ववेद की नौ शाखाएँ थीं, परन्तु आज संहिता केवल दो शाखाओं में उपलब्ध है — शौनक और पैप्पलाद।
जब अथर्ववेद का उल्लेख होता है तो सामान्यतः शौनक संहिता ही अभिप्रेत होती है; इसमें २० काण्ड और ५९८७ मन्त्र माने जाते हैं।
इसकी मौखिक परम्परा गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, आन्ध्र और उत्तर प्रदेश में रही है; गोपथ ब्राह्मण इससे जुड़ा है।
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स्रोत: vedicheritage.gov.in (Atharvaveda); Wikipedia (Shaunaka)