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नाग पंचमी

व्रत एवं त्योहार

अन्य नाम: नागुला चविति

त्योहारनागश्रावणपंचमी

नाग पंचमी नाग देवताओं की पूजा का पर्व है।

यह श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को, सामान्यतः अगस्त में मनाई जाती है।

विधि में नाग की मूर्ति या चित्र की पूजा, दूध-दूर्वा-फूल का अर्पण और व्रत शामिल हैं। पौराणिक कथा में अस्तिक मुनि ने जनमेजय के सर्प-यज्ञ को रोककर नागों की रक्षा की। यह पर्व नाग-उपासना और अभय का प्रतीक है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ नागराजाय नमः।
अनंतं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्। शंखपालं धृतराष्ट्रं च तक्षकं कालियं तथा॥

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शिवरावणनाग

स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध