आमलकी
आयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग
अन्य नाम: आँवला, धात्री, अमृता
आमलकी अर्थात आँवला आयुर्वेद की श्रेष्ठ रसायन औषधि है, जिसे धात्री और अमृता कहा जाता है। यह अम्ल रस युक्त होने पर भी पित्त-शामक है। इसका वानस्पतिक नाम एम्ब्लिका ऑफिसिनैलिस है।
चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में आमलकी को त्रिदोषहर, रसायन और वयःस्थापन बताया गया है। यह विटामिन-सी का समृद्ध स्रोत मानी जाती है।
आमलकी बल, वर्ण, केश, नेत्र और ओज बढ़ाती तथा रोग-प्रतिरोधक क्षमता सुधारती है। इसका प्रयोग चूर्ण, रस, मुरब्बा, तैल और त्रिफला में होता है।
प्रसिद्ध कथन
(भावानुवाद) आमलकी आयु, बल और वर्ण देती है; इसलिए इसे धात्री और अमृता कहा गया है।
संबंधित
स्रोत: चरक संहिता